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महागठबंधन टूटने पर नीतीश से नाराज शरद ने तोड़ी चुप्पी, मोदी सरकार पर साधा निशाना।

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राजनैतिक शुचिता और नैतिकता के नाम पर कांग्रेस और RJD के साथ महागठबंधन तोड़ बीजेपी का दामन थाम नीतीश कुमार छठी बार मुख्यमंत्री बने। हालाँकि नीतीश कुमार भले ही इस गठबंधन से खुश नजर आ रहे हों मगर उनकी पार्टी में सबकुछ ठीक है ऐसा नजर नहीं आ रहा है। RJD और कांग्रेस के साथ गठबंधन टूटने के बाद बीजेपी के साथ नया गठबंधन बनाने के के ऐलान के कुछ ही घंटों बात नीतीश कुमार की पार्टी में बगावती सुर शुरू हो गए। ख़बरों के मुताबिक, JDU के राज्यसभा सांसद अली अनवर एवं जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष और पार्टी सांसद शरद यादव बीजेपी के साथ गठबंधन कर सरकार बनाने के पक्ष में नहीं थे। अली अनवर ने महागठबंधन के टूटने को राष्ट्रीय आपदा भी करार दिया था। शरद यादव ने अपनी नाराजगी का कारण जाहिर किया, शरद ने कहा, बिहार की जनता ने इसके (बीजेपी के साथ सरकार बनाने) लिए जनादेश नहीं दिया था।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भले ही बीजेपी के साथ सरकार बनाकर भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने की बात कर रहे हो, मगर उन्ही के पार्टी के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव ने बीजेपी पर कालेधन पर हमला बोलते हुए ट्वीट किया, सत्ताधारी दल ने काले धन को वापस लाने का वादा किया, जो पूरा नहीं हुआ और ना ही पनामा पेपर्स में सामने आए भारतीयों के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई है। सरकार जनता से विभिन्न प्रकार के सुविधाओं के नाम पर कई तरह के सेस ले रही है मगर किसी भी क्षेत्र में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है। इससे पहले शरद यादव मोदी सरकार की फसल बीमा योजना को लेकर भी मोदी सरकार पर निशाना साध चुके हैं। शरद यादव ने फसल बीमा योजना को मोदी सरकार की और विफल योजना बताया था।

महागठबंधन (JDU + कांग्रेस + RJD) के साथ मिलकर भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़कर महागठबंधन ने बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी को शिकस्त दी थी। हाल के दिनों में JDU के नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजश्वी यादव पर लगे आरोपों के चलते नीतीश कुमार ने नैतिकता की दुहाई देकर महागठबंध तोड़ RJD और कांग्रेस से किनारा कर गठबंधन तोडने के महज कुछ घंटों के अंदर बीजेपी के साथ नई सरकार बना ली।

नई सरकार में JDU के नेता नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री के तौर पर और बीजेपी के नेता सुशील कुमार मोदी ने उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण किया। महागठबंध तोड़कर बीजेपी के साथ समझौता कर नई सरकार बनाने के बाद खुद की पार्टी और सहयोगी पार्टी में दरार बढ़ती नजर आ रही है। खबर के मुताबिक विवादों में घिरे नीतीश कुमार अभी कोई भी विवाद नहीं चाहते जिसके चलते नाराज नेताओं को मनाने के लिए मंत्रिमंडल में और मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है।

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