2022 गुजरात चुनाव में BJP का AAP से होगा मुकाबला!

2022 गुजरात चुनाव में BJP का AAP से होगा मुकाबला!

यह पहली बार है कि सूरत में भाजपा और कांग्रेस के अलावा कोई पार्टी उभरी है। भाजपा ने भले ही अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट, भावनगर और जामनगर के नगर निगम चुनावों में जीत हासिल की है। लेकिन भाजपा के लिए ये जीत खतरे की घंटी के साथ हुई है क्योंकि आम आदमी पार्टी (AAP) ने सूरत नगर निगम में 27 सीटें जीतकर दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।

AAP ने उन क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन किया है जहां 2015 का पाटीदार आंदोलन मजबूत था। परंपरागत रूप से कांग्रेस का ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस आधार था। यदि AAP ग्रामीण गुजरात में महत्वपूर्ण प्रभाव डालती है, तो कांग्रेस का यह गढ़, 2022 के चुनाव में भाजपा बनाम AAP प्रतियोगिता निर्धारित कर सकता है।

सूरत नगर निगम में AAP की शुरुआत AAP के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह गुजरात भाजपा अध्यक्ष व नवसारी से लोकसभा सांसद चंद्रकांत पाटिल का गढ़ माना जाता है। दूसरी तरफ सूरत, सौराष्ट्र की राजनीति पर बड़ा असर डालता है। 2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव के मुताबिक सूरत के पाटीदार जो फैसला करते हैं वह सौराष्ट्र की राजनीति में साफ़ असर दिखता है।

भाजपा ने पिछले 25 वर्षों से सूरत नगर निगम पर शासन किया है। भाजपा ने पिछले कई वर्षों की तरह इस बार भी नगर निगम के चुनावों में जीत हासिल की है लेकिन इस बार उसके पास विपक्ष के रूप में AAP है। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि AAP उन लोगों के लिए एक विकल्प के रूप में उभरा है जो भाजपा या कांग्रेस को वोट नहीं देना चाहते हैं।